घर पर उगाएं ये 5 जड़ी-बूटी, वायरल बुखार (Fever) के साथ कई अन्य रोग भी होंगे दूर

आजकल के बदलते मौसम में वायरल समेत कई बीमारियां बहुत ज्यादा आम हो गई हैं। ऐसे में इनसे बचने के लिए हमें कोशिश करनी चाहिए कि हम पहले से ही तैयार रहें। जड़ी-बूटियां न केवल खाने का स्वाद बढ़ाने का काम करते हैं बल्कि इनसे स्वास्थ्य लाभ भी होता है। आजकल कई लोगों का भरोसा हर्बल ट्रीटमेंट पर बढ़ता भी जा रहा है। कुछ आम प्रकार के हर्ब्स जिनका प्रयोग छोटी-मोटी परेशानियों में किया जाता है, उन्हें घर पर भी आसानी से उगाया जा सकता है। आज हम आपको कुछ ऐसे हर्बल पौधों के बारे में बता रहे हैं जिन्हें आप आसानी से अपने घर में उगाकर बीमारियों से दूर रह सकते हैं।

एंटीआर्थराइटिक है तुलसी

हर घर में तुलसी का पौधा आवश्यक रूप से उगाया जाता है, धार्मिक के साथ-साथ इसके चिकित्सकीय गुणों के कारण भी लोग इसे अपने घरों में लगाना पसंद करते हैं। यह एंटीआर्थराइटिक, टॉपिकल एंटीऑक्सीडेंट, एंटी इन्फ्लेमेटरी और कीड़ो-मकोड़ों से प्राकृतिक रूप से बचाव करती है। इनकी पत्तियों को खाने से विटामिन ए, के और सी के साथ-साथ मैग्नीशियम, आयरन, पोटेशियम और कैल्शियम प्राप्त होता है।

चिव्स या प्याज की प्रजाति का एक पौधा

यह पौधा हानिकारक कीड़े-मकोड़े और मच्छरों को घर से दूर रखता है। इसमें सल्फर की अत्यधिक मात्रा पाई जाती है। इसमें एंटी इन्फ्लेमेटरी गुण और डाइजेस्टिव गुण पाए जाते हैं। सूप और सब्जियों का स्वाद बढ़ाने के लिए इसका प्रयोग किया जाता है और सेहत को बेहतर बनाने के लिए भी।

गैस्ट्रिक अपसेट और धनिया पत्ती

विटामिन सी से भरपूर धनिया पत्ती को आसानी से घर पर उगाया जा सकता है। साथ ही साथ इसमें विटामिन और मिनरल्स भी पाए जाते हैं। ताजगी भरने वाली ये पत्तियां पाचन को बेहतर बनाती हैं और सूजन को कम करती हैं जो कि गैस्ट्रिक अपसेट के कारण पैदा होती है। साबुत धनिया ब्लड शुगर पर सकारात्मक प्रभाव डालता है और साथ ही लिवर व पैनक्रियाज पर बढ़ते प्रभाव को कम करता है, जिससे इंसुलिन का निर्माण सही तरीके से होता है और साथ ही साथ पाचन क्रिया बेहतर होती है।

साइट्रिक खुशबू वाला लेमन बाम

यह पौधा पुदीना के परिवार से संबंधित है। इसे आसानी से घर के गार्डन में या घर के कोने में उगाया जा सकता है। साइट्रिक खुशबू देने के साथ-साथ लेमन बाम सेहत संबंधी कई लाभ पहुंचाता है। लेमन बाम प्राकृतिक तरीके से नर्व्स और मसल्स के दर्द को दूर करता है। इस ताजा हर्ब का प्रयोग पुलटिस के तौर पर सूजन को दूर करने और इन्फेक्शन से बचाव करने में प्रयोग कर सकते हैं। इसके एंटी वायरल गुणों के कारण इस हर्ब को लगाने से कोल्ड का प्रभाव कम होता है।

 

साइनस का काल पुदीना

इससे बनी चाय पीने से साइनस की जकड़न दूर होती है, सिरदर्द में आराम मिलता है। पिपरमेंट ऑयल से पाचन क्रिया में लाभ मिलता है, मासिक चक्र के दौरान होने वाले दर्द में राहत मिलती है और आईबीएस के लक्षणों में राहत पहुंचाता है। इसे आप घर के किसी भी हिस्से में उगा सकते हैं।

असरदार हर्ब रोजमैरी

पाचन क्रिया को बेहतर बनाने में रोजमैरी भी एक असरदार हर्ब है। यह सांसों की बदबू दर्द को दूर करने में भी लाभकारी होती है। रोजमैरी ऑयल या फिर इस हर्ब को पानी में मिलाकर इस्तेमाल करने से सिर की रूसी दूर होती है और बाल तेजी से बढ़ते हैं। साथ ही त्वचा की खुजली को भी शांत करने का काम करती है। इसकी खुबशू मस्तिष्क को राहत पहुंचाती है, एंग्जाइटी को शांत करती है और दिनभर के कार्यों से होने वाले तनाव को दूर करती है।

अजवाइन है फायदेमंद

एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन ए का बेहतरीन स्रोत है। जोकि आंखों, त्वचा, बालों और नाखूनों की सेहत के लिए अच्छा माना जाता है। यह एंटी इन्फ्लेमेटरी, एंटीसेप्टिक और एंटीबायोटिक होता है। कोल्ड, कफ, और खराब गले की स्थिति में अजवाइन के पत्तों को डालकर तैयार की गई चाय काफी राहतभरी होती है।

 

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