Immunity booster इम्यूनिटी बढ़ानी है तो सप्ताह में 2 बार पिएं ये हर्बल काढ़ा, जानें विधि

आपकी इम्यूनिटी Immunity booster यानी रोग प्रतिरोधक क्षमता जितनी अच्छी होगी, आप रोगों से उतने ज्यादा दूर रहेंगे। कई लोगों की इम्यूनिटी इतनी कमजोर होती है कि थोड़ा सा मौसम बदलने पर ही उन्हें सर्दी, जुकाम, खांसी और बुखार जैसी समस्याएं हो जाती हैं। कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों को हर तरह के रोगों का खतरा सामान्य लोगों से ज्यााद होता है। ऐसा इसलिए क्योंकि जब रोगों के विषाणु या बैक्टीरिया उनके शरीर में पहुंचते हैं, तो उनका इम्यून सिस्टम उससे लड़ नहीं पाता है और उन्हें बीमार बना देता है। इसलिए अगर आपको तरह-तरह के रोगों और बैक्टीरियल इंफेक्शन से बचना है, तो आपकी इम्यूनिटी अच्छी होनी चाहिए।

आप जितना ज्यादा प्राकृतिक चीजों का इस्तेमाल करेंगे, आपकी इम्यूनिटी अच्छी होगी। अगर आप अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाना चाहते हैं, तो हर्बल काढ़े का सेवन आपकी इसमें मदद कर सकता है। ये हर्बल काढ़ा कई तरह के आयुर्वेदिक हर्ब्स से बनता है और इसे आप घर पर ही आसानी से बना सकते हैं। आइए आपको बताते हैं।

हर्बल काढ़ा बनाने के लिए सामग्री

  • छोटी इलायची 2
  • काली मिर्च 2-3 दाने
  • 2 छोटे टुकड़े दालचीनी
  • 8-10 तुलसी की पत्तियां
  • एक छोटा टुकड़ा अदरक
  • एक मीडियम चम्मच शहद

ऐसे बनाएं इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए काढ़ा

  • सबसे पहले किसी बर्तन में डेढ़ ग्लास पानी ले लें और इसे आंच पर चढ़ा दें।
  • काली मिर्च को दरदरा पीस लें और इलायची के दाने निकाल लें।
  • अदरक को छोटे टुकड़ों में काट लें या घिस कर रख लें।
  • तुलसी की पत्तियों को अच्छी तरह धो लें।
  • जब पानी उबलने लगे, तो उसमें शहद को छोड़कर सभी सामग्रियां डाल दें।
  • 7-8 मिनट तक धीमी आंच पर पकने दें, ताकि सभी आयुर्वेदिक सामग्रियों का अर्क निकल जाए।
  • अब गैस बंद कर दें और बचे काढ़े को किसी ग्लास या कप में छान लें।
  • इसमें एक मीडियम चम्मच शहद मिलाकर इसे पिएं।

क्यों फायदेमंद है ये हर्बल काढ़ा

इस काढ़े को बनाना आसान है क्योंकि इसमें ऐसी चीजों का ही इस्तेमाल होता है, जो आपके किचन में पहले से मौजूद हैं। मगर ये काढ़ा बहुत फायदेमंद होता है क्योंकि ये आपके शरीर की इम्यूनिटी बढ़ाता है और सभी प्रकार के रोगों से रक्षा करता है। दरअसल इलायची में पाया जाने वाला तेल पाचन को बेहतर रखने में मददगार होता है। दालचीनी में पाए जाने वाले यूजेनाल और सिनेमेल्डीहाइड दर्दनिवारक की तरह काम करते हैं। दालचीनी खून का बहाव और थक्का जमने की प्रक्रिया ठीक रखती है और जलन को दूर करती है। इसके अलावा दालचीनी डायबिटीज के इलाज में भी कारगर है। सर्दी-जुकाम और बुखार को दूर करने में तुलसी का कोई जवाब नहीं। काली मिर्च में पाइपरीन नामक तत्‍व पाया जाता है जो मेटाबोलिज्म को बढ़ाता है और पाचन तंत्र को ठीक रखता है। इसके सेवन से कब्‍ज नहीं होता और पेट को भी काफी आराम मिलता है।

वजन घटाने में भी मददगार है ये काढ़ा

अगर आप पेट के भारीपन या वजन बढ़ने की समस्या से परेशान हैं, तो भी ये काढ़ा आपके लिए बहुत फायदेमंद है क्योंकि कालीमिर्च, दालचीनी और अदरक में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स आपके मेटाबॉलिज्म और डाइडेशन को बेहतर करते हैं, जिससे आप जो कुछ भी खाते-पीते हैं, वो अच्छी तरह पचता है और एनर्जी में बदल जाता है। इसलिए आपके शरीर में अतिरिक्त चर्बी नहीं जमा होती है और आप हमेशा फिट रहते हैं।

कितनी बार पिएं ये हर्बल काढ़ा

इस आयुर्वेदिक काढ़े की तासीर थोड़ी गर्म होती है इसलिए इसे पीने में थोड़ी सावधानी रखनी जरूरी है। सर्दियों के मौसम में इस काढ़े को रोज दिन में 1 बार पी सकते हैं लेकिन गर्मियों में इसे सप्ताह में 2-3 बार से ज्यादा न पिएं। अगर आपको सीजनल बीमारियां हैं, तो इस काढ़े से एक दिन में ठीक हो जाएंगी।

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